होली
एक संन्देशा होली का सब मिलकर गाओ रे,
रंगों का त्यौहार है होली ख़ुशी मनाओ रे,
(१)
जल बिन धरा नहीं है जीवन
हर बूंद बचाओ रे
व्यर्थ न जल को बहाने
बस तिलक लगाओ रे
रंगों का त्यौहार----------
(२)
अम्रतम जलं का मंत्र सभी
मन मई बसो रे,
अपने श्रम से शिवना सीचो,
भागीरथ बन जाओ रे
रंगों का त्यौहार--------
(३)
अपने लहू से खेली होली
भारत माँ की आन पर,
सर्वस्त्र था किया न्यौछावर
भारत माँ की शान पर,
उठो साथियों प्राणी मात्र के,
संकट हर लाओ रे
रंगों का त्यौहार----------------
****इति!!
